मनोहर पर्रिकर का रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर, अरुण जेटली को मिला रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त जिम्मा

मनोहर पर्रिकर ने गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद मनोहर पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा. पीएमओ ने उसके इस्तीफे को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा. राष्ट्रपति की इस पर मुहर के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली को रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है. उल्लेखनीय है कि जेटली पहले के पास पहले भी इस मंत्रालय का प्रभार था लेकिन बाद में मनोहर पर्रिकर के रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने इस प्रभार को छोड़ दिया था.
इससे पहले गोवा विधानसभा चुनाव के बाद तेजी से बदले सियासी घटनाक्रम में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. अब वह 14 मार्च को शाम पांच बजे एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बीजेपी को समर्थन देने वाली एमजीपी के नेता सुधीर ढवलीकर को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
दरअसल इससे पहले गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने भाजपा नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता दिया. पर्रिकर ने रविवार को ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल ने शपथ ग्रहण के बाद 15 दिनों के भीतर पर्रिकर को बहुमत साबित करने को कहा है.
गौरतलब है कि पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई कि पर्रिकर ने रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन बाद में नितिन गडकरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया था कि शपथ ग्रहण की तारीख तय होने के बाद ही पर्रिकर रक्षामंत्री का पद छोड़ेंगे.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड ने उनसे कहा कि अगर मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री बनें तो वो समर्थन देने को तैयार हैं. मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष गोवा के विधायकों की बात रखी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और संसदीय बोर्ड से चर्चा की. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पर्रिकर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मान्य होगा और अगर गोवा में उनकी जरूरत है तो वह रक्षा मंत्री का पद छोड़ देंगे. गडकरी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड ने मुझे उचित निर्णय लेने का अधिकार दिया था. जब मैं 21 विधायकों के समर्थन के प्रति आश्वस्त हो गया तब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने दावा पेश किया गया.
रविवार शाम गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर मुहर लगी. पर्रिकर ने राज्यपाल से मुलाकात कर गोवा में सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विधायकों के समर्थन का पत्र लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ पर्रिकर राजभवन पहुंचे.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
इससे पहले गोवा विधानसभा चुनाव के बाद तेजी से बदले सियासी घटनाक्रम में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. अब वह 14 मार्च को शाम पांच बजे एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बीजेपी को समर्थन देने वाली एमजीपी के नेता सुधीर ढवलीकर को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
दरअसल इससे पहले गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने भाजपा नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सरकार बनाने का न्योता दिया. पर्रिकर ने रविवार को ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल ने शपथ ग्रहण के बाद 15 दिनों के भीतर पर्रिकर को बहुमत साबित करने को कहा है.
गौरतलब है कि पहले मीडिया में ऐसी खबरें आई कि पर्रिकर ने रक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन बाद में नितिन गडकरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया था कि शपथ ग्रहण की तारीख तय होने के बाद ही पर्रिकर रक्षामंत्री का पद छोड़ेंगे.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड ने उनसे कहा कि अगर मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री बनें तो वो समर्थन देने को तैयार हैं. मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के समक्ष गोवा के विधायकों की बात रखी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और संसदीय बोर्ड से चर्चा की. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पर्रिकर ने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें मान्य होगा और अगर गोवा में उनकी जरूरत है तो वह रक्षा मंत्री का पद छोड़ देंगे. गडकरी ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और संसदीय बोर्ड ने मुझे उचित निर्णय लेने का अधिकार दिया था. जब मैं 21 विधायकों के समर्थन के प्रति आश्वस्त हो गया तब राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने दावा पेश किया गया.
रविवार शाम गोवा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने के फैसले पर मुहर लगी. पर्रिकर ने राज्यपाल से मुलाकात कर गोवा में सरकार बनाने का दावा भी पेश किया है. पर्रिकर ने 21 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. विधायकों के समर्थन का पत्र लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ पर्रिकर राजभवन पहुंचे.
गौरतलब है कि बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) ने शर्त रखी थी कि अगर मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तभी वो समर्थन देगी.
MGP के नेता सुधीर ढवलीकर ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा था कि वे बीजेपी को सत्ता में लाने के लिए तभी समर्थन दे सकते हैं जब रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. MGP के 3 विधायक चुनकर आए हैं. ढवलीकर गोवा में मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को ख़त लिखकर अपनी बात स्पष्ट कर दी थी.
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